फ्री कॉल और डेटा सर्विस देकर टैरिफ वॉर शुरू करने वाली रिलायंस जियो को कॉम्पिटीशन बढ़ता दिख रहा है तो वह फ्री सर्विस के खिलाफ हो गई है। सरकार की कोशिशों से रिवाइवल की तैयारी कर रहीं बीएसएनएल और एमटीएनएल के एक प्रस्ताव के बाद जियो का यह रुख सामने आया है। दोनों सरकारी कंपनियों ने टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) को सुझाव दिया है कि 15% से कम मार्केट शेयर वाली कंपनियों को फोन कॉल और डेटा के मिनिमम रेट के नियम से छूट मिलनी चाहिए। लेकिन, जियो ने इसका विरोध किया है।
टेलीकॉम कंपनियां अभी कॉल-डेटा चार्ज तय करने के लिए फ्री
ट्राई के दिसंबर 2019 के आंकड़ों के मुताबिक मोबाइल सर्विसेज में बीएसएनएल का 10.26% और एमटीएनएल का 0.29% मार्केट शेयर है। जियो का सबसे ज्यादा 32.14% शेयर था। मौजूदा नियमों के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियां कॉल और डेटा चार्ज तय करने के लिए फ्री हैं, लेकिन बढ़ते हुए कॉम्पिटीशन को देखते हुए उन्होंने इस मामले में ट्राई से दखल देने और मिनिमम प्राइस तय करने की मांग की है। ट्राई ने इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों से राय मांगी है।
ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों की बात मानी तो डेटा 5-10 गुना महंगा होगा
अभी 1जीबी 4जी डेटा कम से कम 3.5 रुपए में मिल रहा है, लेकिन टेलीकॉम कंपनियों की मांग पर फ्लोर प्राइस तय किया गया तो इसकी रेट 5-10 गुना बढ़ जाएगी। वोडाफोन-आइडिया ने डेटा प्राइस कम से कम 35 रुपए प्रति जीबी तय करने का प्रस्ताव दिया है। भारती एयरटेल 30 रुपए प्रति जीबी और रिलायंस जियो 20 रुपए तय करना चाहती है। वोडाफोन-आइडिया का कहना है कि मिनिमम टैरिफ शुरू होने के तीन साल बाद वह अपने रेवेन्यू लक्ष्य तक पहुंच पाएगी।
बीएसएनलएल का रिवाइवल जल्द होगा: दूरसंचार मंत्री
दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि सरकार बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कंपनी के रिवाइवल पैकेज के तहत एक लाख कर्मचारियों ने वीआरएस स्कीम को चुना है। सरकार ने पिछले साल 23 अक्टूबर को बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल पैकेज को मंजूरी दी थी।