कोरोनावायरस / मुरैना में कमलनाथ का सुरक्षाकर्मी अस्पताल में भर्ती, बीएसएफ अफसर के संपर्क के आए 12 लोग क्वारैंटाइन किए गए

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक सुरक्षाकर्मी को खांसी के साथ तेज बुखार आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस का ये जवान एक सप्ताह पहले ही भोपाल से मुरैना आया। भोपाल में ये जवान कमनलाथ की सुरक्षा में तैनात था। इधर, टेकनपुर स्थित बीएसएफ की अकादमी में लेफ्टीनेंट कर्नल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके संपर्क में आए 12 लोगों को क्वारैंटाइन कर जांच के लिए सैंपल भेजे गए। 


जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री का सुरक्षाकर्मी भोपाल से जब मुरैना लौटा तो ठीक था। इसके एक दिन बाद उसे सर्दी जुकाम हुआ। शनिवार सुबह उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे आइसोलेशन वार्ड में एडमिट किया। सुरक्षाकर्मी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया। इधर, जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है। दिल्ली और आसपास के जिलों से आने वाले लोगों को स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा। जिले में अभी तक 2500 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। 25 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। राहत की बात ये है कि एक भी मरीज पॉजिटिव नहीं मिला। 


दिल्ली से मुरैना के लिए पैदल चला, आगरा में मौत 


शुक्रवार को दिल्ली से पैदल मुरैना (अंबाह) के बड़फरा गांव के लिए निकले 39 साल के रणवीर सिंह की आगरा के सिकंदरा के पास मौत हो गई। होटल में काम करने वाला रणवीर शुक्रवार दोपहर 3 बजे साथियों के साथ निकला था। शाम 6 बजे उसने अंबाह में अपनी बहन को फोन पर कहा- मैं फरीदाबाद आ गया हूं। जल्द ही घर पहुंच जाऊंगा। शनिवार सुबह 5 बजे उसका फिर बहन के पास फाेन आया। उसने कहा कि मेरी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हाे रही है। गला सूख रहा है और पेट में दर्द हो रहा है। आगरा पहुंचने के बाद उसके साथी आगे निकल गए और सुबह 6.30 बजे सिकंदरा थाना क्षेत्र में सड़क किनारे उसकी मौत हो गई।


कैदी रिहा किए जाएंगे


अब 5 साल तक की सजा वाले कैदियों काे जेल से बाहर आने का रास्ता आसान हाे गया। इन्हें अब 45 दिन की पैरोल मिल सकेगी। सुप्रीम काेर्ट के आदेश के चलते अब राज्य सरकार ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जेल प्रशासन काे इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए। काेराेना संक्रमण से लाेगाें के बचाव के लिए सुप्रीम काेर्ट ने यह आदेश दिया है। जबलपुर हाइकाेर्ट के जस्टिस संजय यादव, अध्यक्ष राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह निर्देश दिए। गौरतलब है कि प्रदेश की जेलों में करीब 12 हजार कैदी 5 साल तक की सजा वाले हैं। जेल मुख्यालय की और से जारी आदेश में बताया गया है कि 5 साल तक की सजा वाले आपराधिक मामलाें में जेल के बंदियाें की ओर से अर्जी अदालत में पेश करना हाेगी। इसके बाद अदालत मामले की सुनवाई कर यह तय करेगी कि 45 दिन की पैराेल देना है अथवा नहीं। इसके अलावा जिन बंदियाें की उम्र 65 साल हाे चुकी है एवं गंभीर बीमारियाें से पीड़ित हैं, उन्हें भी पैराेल का लाभ मिलेगा। जेल में बंद 50 साल तक की महिलाओं काे भी पैराेल पर छाेड़े जाने का आदेश दिया गया है।



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